D.Pharma Kya Hai? – D.Pharma Full Form.

D.Pharma Kya Hai? – D.Pharma Full Form. आज के इस  दैनिक जीवन मे  जिस प्रकार से लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत है। उसे देखते हुए मेडिकल से संबंधित सामग्री व उपचार की समय समय पर जरूरत रहती है। लेकिन क्या आपने कभी विचार किया है, कि जिस मेडिकल स्टोर से हम यह सामग्री प्राप्त करते है, उसके ओनर को दवाइयो के विषय मे सटीक जानकारी है या नहीं।

आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम न केवल मेडिकल उपचार, दवाइयो बल्कि फार्मसी से जुड़ी सभी जानकारी के विषय मे जानेंगे। जी हाँ, फार्मसी से संबंधित जुड़े एक महत्वपूर्ण पाठ्यक्रम के बारे मे चर्चा करेंगे जिसे D.Pharma के नाम से जाना जाता है, ओर साथ ही जानेंगे कि इसके द्वारा करिअर मे क्या विकल्प है। तो बिना समय व्यर्थ किए शुरू करते है, आज की इस पोस्ट को।

D.Pharma क्या है? D.Pharma Kya Hai?

D.Pharma जिसे Diploma In Pharmacy के नाम से जाना जाता है। यह 2 वर्षीय पाठ्यक्रम है। इसके अंतर्गत दवाइयो की क्वालिटी मैन्टैन करना, केमिकल काम्पज़िशन से लेकर मार्केटिंग तक की जानकारी रखी जाती है। इसके अलावा इस फार्मसी क्षेत्र का सबसे बेसिक व जरूरी पाठ्यक्रम माना जाता है। पोस्ट मे आगे बढ़ने से पहले जानेंगे की D.Pharma के लिए योग्यता स्तर क्या है, व इससे करिअर हेतु क्या क्या ऑप्शन है

D.Pharma के लिए योग्यता स्तर किस प्रकार है?

D.Pharma मे प्रवेश लेने के लिए सबसे पहले 12वी उत्तीर्ण कर कम से कम 55% अंकों से पास होना अनिवार्य है। साथ ही फिज़िक्स, केमिस्ट्री व बाइआलजी तीनों विषय मे अच्छे से जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा अगर आप इसी किसी सरकारी कॉलेज से करना चाहते है, तो उसके लिए परीक्षा पास करने मेरिट बेस पर भी अड्मिशन प्राप्त कर सकते है। व अन्य ऑप्शन के तौर पर किसी निजी प्राइवेट कॉलेज से भी कर सकते है।

यह पाठ्यक्रम विशेशतौर पर 2 वर्ष का होता है, जिसके लिए स्टूडेंट की आयु कम से कम 17 वर्ष होनी अनिवार्य है। साथ ही भविष्य मे बेहतर करिअर  बनाने के लिए बैच्लर ऑफ फार्मसी व मास्टर ऑफ फार्मसी कर अध्यन का स्तर बढ़ाया जा सकता है।

फार्मेसी में डिप्लोमा फार्मा उद्योग में रसायन विज्ञान के अनुप्रयोग, जैव रसायन, औषध विज्ञान और विष विज्ञान की सैद्धांतिक और व्यावहारिक अवधारणाओं सहित मौलिक फार्मेसी शिक्षा को शामिल करता है। पाठ्यक्रम छात्रों को विभिन्न रासायनिक लवणों, उनके अनुप्रयोग और चिकित्सा में उपयोग के बारे में अध्ययन करने में सक्षम बनाता है। यह पाठ्यक्रम फार्मास्युटिकल उद्योग में अच्छा महत्व रखता है।

D.Pharma क्यों विशेष है? इसी ही क्यों चुना जाए?

फार्मेसी में डिप्लोमा [D.Pharma] पाठ्यक्रम फार्मेसी अधिनियम के तहत फार्मेसी पेशे का अभ्यास करने के लिए पंजीकृत फार्मेसी योग्यता प्रदान करता है। कई स्नातक अस्पताल की फार्मेसी या सामुदायिक फार्मेसी में करियर का अवसर प्राप्त होता हैं

जहां वे चिकित्सकों के साथ साझेदारी में काम कर रहे रोगी की देखभाल में सीधे शामिल होते हैं। फार्मासिस्ट रोगी को दवा देने के लिए प्रमुख व्यक्ति होते हैं जिसके लिए भारत सरकार से विशेष पंजीकरण की स्थिति की आवश्यकता होती है।

D.Pharma
D.Pharma

D.Pharma  पाठ्यक्रम के स्नातक एक ऑनलाइन फ़ार्मेसी खोलने के पात्र हैं जो भारत में फार्मेसी के क्षेत्र में एक मांग वाला व्यवसाय है। पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षित योग्य उम्मीदवारों को फार्मासिस्ट की देखरेख में आदेश भरना, रोगी की जानकारी दर्ज करना, नुस्खे की पहचान करना,

और ऑर्डर के लिए कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया, दवा और चिकित्सा शब्दावली, साथ ही बुनियादी औषध विज्ञान को समझना और लागू करना है। डिप्लोमा पाठ्यक्रम का पाठ्यक्रम छात्रों को दवा की खुराक की गणना, नियमित रूप से उपयोग किए जाने वाले फार्मेसी कंप्यूटर सिस्टम, कंपाउंडिंग, फार्मेसी प्रथाओं और प्रक्रियाओं को समझने के लिए सिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इसके अलावा अगर फीस स्ट्रक्चर की बात करे तो इस पाठ्यक्रम की फी कॉलेज पर निभर करती है। जैसे की हमने ऊपर वर्णन किया था, कि अगर कोई भी स्टूडेंट को फीस से रिलेटेड समस्या होती है। तो प्राइवेट कॉलेज मे अड्मिशन ने लेकर सरकारी कॉलेज के लिए तयारी कर सकता है।

जिसके लिए एन्ट्रन्स इग्ज़ैम क्लेयर करने पर उसे मेरिट के आधार पर कॉलेज का चयन करना होगा। प्राइवेट कॉलेज मे सरकारी कॉलेज से कही ज्यादा फीस होती है, जो की हर एक सामान्य स्टूडेंट के लिए मान्य नहीं होती।

D.Pharma से करिअर ऑप्शन क्या क्या है?

भारत एक ऐसा देश है, जहाँ 130 करोड़ लोग निवास करते है। जिनकी देख रेख मे मेडिकल साइंस व फार्मसी का अपना एक अहम योगदान रहा है। प्रत्येक व्यक्ति को समय समय पर मेडिसन की आवश्यकता है।

कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय दवा कंपनियों के खुलने से फार्मेसी के क्षेत्र में भी भविष्य बहुत उज्ज्वल है। इसलिए फार्मेसी क्षेत्र में करियर, स्कोप और नौकरी के अवसर बहुत बढ़े हैं। D.Pharma उम्मीदवारों के लिए नौकरी के विविध अवसर उपलब्ध कराता हैं। जिसके लिए अनेकों बड़े शिक्षण संस्था भी स्थापित किए गए है।

कोई केमिस्ट की दुकानों या दवाओं के खुदरा स्टोर में काम कर सकता है। राज्य फार्मेसी परिषद के साथ पंजीकरण के बाद, डी. फार्मा प्रमाण पत्र धारक अपनी निजी दवा की दुकान या केमिस्ट की दुकान भी शुरू कर सकता हैं और डॉक्टर के पर्चे के अनुसार दवाएं बेच सकता हैं।

इस तरह के उद्यम में कामयाब होने के लिए, अच्छे वित्तीय संसाधनों और उद्यमिता कौशल तक पहुंच होनी चाहिए। वह अपना खुद का थोक व्यवसाय शुरू कर सकता है या अपनी खुद की सर्जिकल वस्तुओं की दुकान खोल सकता है। ओर यही सभी की शरुआत करने के लिए डी फार्मा बेसिक पाठ्यक्रमों मे से एक माना जाता है।

D.Pharma धारक कोई भी व्यक्ति भारत में फार्मासिस्ट के रूप में अभ्यास करना शुरू कर सकते हैं। फार्मासिस्ट सामुदायिक फार्मेसियों में अभ्यास कर सकता है, जहां वह पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद सामुदायिक फार्मासिस्ट बनना चुन सकता है। उनका काम दवाओं का वितरण और वितरण करना होगा। वह आम जनता को सुरक्षित और सही दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए नैतिक और कानूनी दिशानिर्देशों के तहत काम करेंगे।

PhD kya hai? संपूर्ण जानकारी

एक सामुदायिक फार्मासिस्ट के रूप में, वह ग्राहकों को उनके सामान्य स्वास्थ्य के बारे में सलाह और जानकारी देते हुए सीधे उनको सटीक जानकारी देने का कार्य करना होता है। तो डी गई जानकारी के आधार पर आप समझ सकते है, कि D.Pharma से ने केवल बेहतर करिअर विकल्प है। बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारी भी प्राप्त करने का अवसर प्राप्त होता है।

2 thoughts on “D.Pharma Kya Hai? – D.Pharma Full Form.”

Leave a Comment